इनोवेशन से बदले अपना जीवन

इनोवेशन से बदले अपना जीवन  


आज के इस युग मे बहुत जल्दी जल्दी नए नए आविष्कार हो रहे हैं, हर पुराने काम करने के तरीके मे बदलाव आ रहा हैं, हर एक बदलाव आपके जीवन मे कुछ न कुछ परिवर्तन ला रहा हैं। इसी परिवर्तन या बदलाव को इनोवेशन कहते हैं। आज के इस इंटरनेट युग मे हरेक सेकंड कुछ न कुछ नया इनोवेशन हो रहा हैं, और इसका प्रभाव हमारे दैनिक जीवन पर भी पड़ रहा हैं । इसका सबसे बड़ा उदाहरण हमारा स्मार्ट फोन हैं, प्रतिदिन इसमे नए नए इनोवेशन हो रहे हैं जिनसे हमारा जीवन सरल होता जा रहा हैं ।    

आज दुनिया की बड़ी बड़ी यूनिवर्सिटीज जैसे हार्वर्ड और ऑक्सफ़ोर्ड में इनोवेशन के बारे में गहराई से समझाया और पढाया जा रहा है | किसी भी चीज की इनोवेशन करने के लिए उसकी कल्पना करना ही जरूरी नहीं है बल्कि उस कल्पना को कैसे वास्तविकता के धरातल पर साकार किया जाये ये भी जरूरी हैं।  जैसे जैसे इनोवेशन होता जाता हैं उसी प्रकार मार्केट मे भी परिवर्तन आता रहता हैं।  

हर इंडस्ट्री के हरेक  फील्ड में तेजी से  इनोवेशन हो रहा है आज अगर हम देखे तो हम देखेंगे की बाजार मे ऑडी,जैगुआर,फेरारी जैसी कई गाड़िया है पर ऑटोमोबाइल के क्षेत्र मे  टेस्ला और गूगल जैसी कम्पनीज इनोवेशन कर रही और  ऑटोमोबाइल के मार्किट को चेंज कर रही हैं  |  टेस्ला इलेक्ट्रिक गाड़िया बना रही है ओर इससे  पर्यावरण की भी रक्षा हो रही हैं ओर ईधन पर लगने वाला खर्च भी कम कर रही हैं ।   मानव जीवन मे इलेक्ट्रिक वाहनो से क्रांति आ सकती हैं | अब आपके मन में ये सवाल तो आया ही  होगा की यार टेस्ला का तो समझ में आता है पर गूगल कैसे ? दोस्तों सच मानिये इस बार तो  गूगल भी आटोमेटिक गाडियों (सेल्फ ड्राइविंग कार्स)  के साथ मार्किट में उतर चुकी है | असल में गूगल थर्ड पार्टीज के साथ मिलकर मेनुफेक्चरिंग करेगा अपने सिस्टम के साथ, इसलिए  किसी ने सही कहा है,” इनोवेशन फ्यूचर के रेवोल्युशनरी अनुमानों पर आधारित होते है”  |

अब मार्किट बदल रहा है आने वाले समय में ऐसी ऐसी नई तकनीक आ जाएगी जिससे स्मार्टफोन इतने सस्ते हो जायेंगे की आप सोच भी नहीं सकते है ।  वर्तमान में  ऑनलाइन स्टडीज हो रही है आने वाले समय में वर्चुअल रियलिटी और ऑगमेंटेड रियलिटी को बढ़ावा दिया जायेगा, सोशल मीडिया का रुख बदल जायेगा  और आने वाले समय में जॉब्स करने के तरीके बदल जायेगे जैसा की मैंने शुरुआत में बताया है |


यदि आपके पास कोई ऐसा ही इन्नोवेटिव आइडिया हैं तो आज मैं आपको कुछ ऐसे स्टेप्स बताऊंगा  उस आइडिया को कैसे एक  बिज़नेस स्टार्टअप के रूप में इम्प्लेमेंट कैसे करे –

सबसे पहले हम आइडियाज और इमेजिनेशन के कुछ स्टेप्स बताउगा-

  1. पुराने आइडियाज नए आइडियाज की नीव होती है – दोस्तों ये बात बिलकुल सही है की इमेजिनेशन एक अच्छे आईडिया को जन्म देती है पर हम पुराने आइडियाज से भी सीख  सकते है | अक्सर लोग जो पुराने एक्सपीरियंस को जीते है वो यही कहते है “आप किसी के आईडिया को नहीं चुरा सकते यह गलत है “ पर इस बारे में मेरी राय है इनोवेशन पुराने एक्सपीरियंस पर आधारित नहीं होता वो तो फ्यूचर अनुमानों पर  आधारित होता है और ये बात  दुनिया के सबसे बड़े चित्रकार पाब्लो पिकासो ने भी ये कहा है कि ”गुड आर्टिस्ट कॉपी आर्ट बट ग्रेट आर्टिस्ट स्टील आर्ट“ इसका मतलब यह नहीं है की आप कही से कोई आईडिया लिया और उसे वैसे का वैसा काम में ले लिया यह चीज़ चोरी कह लायी जाती है पिकासो के कथन में उन्होंने स्टील का मतलब चोरी नहीं कहा बल्कि उनका कहना है आप एक पुराना आईडिया ले जो बहुत ट्रडिशनल हो उसे फ्यूचर की सिचुएशन पर रखकर फिर इमेजिनेशन करें जो लॉजिकल हो फिर अनुमान लगाये |
    उदाहरण स्वरूप अब शॉपिंग का तरीका बदल रहा हैं आज कल लोग बाजार ना जाकर घर पे ही ऑनलाइन शॉपिंग कर लेते हैं, देखने मे शॉपिंग एक बहुत पुराना आइडिया हैं परंतु उसे आज के जमाने से जोड़ कर नया बिज़नस खड़ा कर लिया गया  

 


 

  • कस्टमर और मार्किट की “need” क्या है – दोस्तों ये स्टेप बड़ा ही इफेक्टिव है इसके बिना आप अंदाज़ा नहीं लगा सकते जो आईडिया अपने सोचा है वो काम करेगा या नहीं | जिन लोगो के बीच आप रहते है या जो मार्किट आप चुनते है वे वहा ऐसी किस प्रोडक्ट या चीज़ कमी है और “need” हो सकती है जिसे आप पूरा कर सकते है | देखिये दोस्तों हम ऐसी दुनिया में रहते है जो बहुत तेजी से बदल रही है यह जरुरी नहीं जो आईडिया कल नहीं चल रहा था वो अब भी न चले ऐसा जरुरी नहीं क्योकि सब लोगो का व्यू पॉइंट बदल रहा है और आज के ज़माने में कस्टमर यह नहीं देखते की आपके इनोवेटिव प्रोडक्ट के फीचर क्या है ? वे ये ही देखता है कि उन्हें किस चीज़ से ज्यादा बेनिफिट्स है | जहा तक मार्किट का सवाल है  तो ध्यान में रखे और देखे की मार्किट मोड़ (curve) किस तरफ ले रहा है |

 

 

 

  • क्रॉस पोल्लीनेटिंग –  ये तकनीक तब काम में आती है जब आप एक इनोवेटिंग आईडिया को तैयार करने में लगे हो | क्रॉस पोल्लीनेशन आइडियाज का मतलब है जब दो अलग-अलग फील्ड के आइडियाज को मिला दिया जाए जिससे ऐसी चीज़ बने जो आज तक मार्किट में न आया हो और दोस्तों ये चीज़ हमारे बिज़नस को स्ट्रोंग बनाती है क्योकि जब हम एक ऐसा बिज़नेस आईडिया  तैयार करे जो आज तक किसी ने न देखा हो वो क्रॉस  पोल्लीनेशन  से संभव है , इससे आप हर समस्या का सामना करने मे भी सक्षम हो जायेंगे दोस्तों जो हर इनोवेटिव बिज़नस में आते है |

 

 

दोस्तों अब में बात करता हू कैसे आप ये तकनीक काम ले सकते है –

 

  1. एक-दुसरे से अलग विचारो को जोड़ना –  दोस्तों इस प्रक्रिया में हमारी क्रिएटिविटी बहुत तेज हो जाती है तथा इस तकनीक में एक दुसरे से अलग अलग आइडियाज को जोड़ा जाता है पर ध्यान रहे उस आईडिया में लॉजिक होना बेहद जरुरी है क्योकि आपको पता है की हम जिस कल्चर में रहते है वहा अच्छी और बुरी चीजों को जल्दी परखा जाता है और आपको ये भी ध्यान रखना है इससे लोगो को किस तरह का फायदा है और उनका एक्सपीरियंस कितना अच्छा होगा आपके प्रोडक्ट और आईडिया को इस्तेमाल करने पर यह ध्यान में रखे |
  2. ज्ञान को बढ़ाये –    ज्ञान या नॉलेज बढ़ने के सेंस में मेरे कहने का मतलब है की आप सफल लोगो की किताबे पढ़े , मेग्ज़िन्स पढ़े ,इन्टरनेट पर ब्लोग्स पढ़े जिससे आपके दिमाग को भर पेट नॉलेज मिले जैसाकि हम अपना पेट भरने के लिए खाना खाते है |
  3. लोगों से बात करें उनके विचार जाने – ये  किसी आईडिया को इम्प्लेमेंट करने में बेहद मदद करता है क्योकि दोस्तों हर जगह के मार्किट सिचुएशन डिफरेंट होती है इसलिए आपको अपने प्रोडक्ट को टेस्ट करने के लिए सर्वे या उस मार्किट से जुड़े लोगो से बातचीत करे अपने आइडियाज को लेकर | इस टेस्ट से उनके विचारो को आप जान पायंगे दोस्तों |

 

 

  • उस विचार को वहा ढूंढे जो आपके हिसाब से गलत जगह है –  दोस्तों ये अक्सर होता है हम हमारे द्वारा पसंद की जगह पर उस आइडियाज की खोज करते है कहने का मतलब काम्प्लेक्स (जटिल) जगहों पर ढूंडते है जहा मिलना मुश्किल है पर कभी कभी सिंपल जगहों पर नज़र डालना भूल जाते है या हम एक्स्पेक्ट नहीं करते है इसलिए वो हमारे लिए गलत जगह होती है क्योकि उस टाइम लगता है शायद यहाँ कुछ न मिले | कभी कभी गलत जगह में हमारे फैलियर्स या चैलेंज आते है पर दोस्तों हमें उनसे भी बहुत  सीखने को मिलता है यकीन मानिये |

 

 

अब दोस्तों में आपको बताउगा  आईडिया इम्प्लेमेंट कैसे करें –

 

  • अपने बिज़नस ग्रुप के साथ बातचीत करें – आपके साथ जो बिज़नस स्टार्ट कर रहे है उनसे नए आइडियाज के बारे में बात करे और इसके अलावा जैसे की मैंने पहले भी बताया की अपने कस्टमर से चर्चा करे उनसे उनकी need पूछे देखिये दोस्तों बहुत अच्छी  कहावत है कि “आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है !” अपने सभी साथियों से कहे उनके पास जितने भी आइडियाज आते है वो लॉजिकल हो और कस्टमर की आवश्यकता छुपी हो |
  • गोल स्टेटमेंट रखे – देखिये आपको किसी भी चीज़ को इम्प्लेमेंट करना हो उससे पहले आपको गोल सेट करना होगा अपने ऑडियंस को टारगेट करना होगा |
  • अब आईडिया का प्रोटोटाइप बनाये – जब आप अपने गिने चुने आइडियाज सेलेक्ट करें उसके बाद आप उनमे से अच्छा आईडिया  चुने फिर उसपे काम करें फिर उसका प्रोटोटाइप बनाये |
  • टेस्टिंग मोडल – अब जब आपका इनोवेटिव प्रोडक्ट या आईडिया इम्प्लेमेंट होने को तैयार है तो अब उसे टेस्टिंग मोडल में बदले अब उसे मार्किट में टेस्टिंग के रूप काम ले और देखे कैसा प्रोसेस हो रहा है कैसे फीडबैक आ रहे है सब जानने के बाद फिर जो गलतिया हो रही है उसी मोडल में करके उसे टेस्ट करले ताकि आपको आसानी हो जाये बिज़नेस मोडल में इम्प्लेमेंट करने के लिए फिर verify करले |

 

 

 

  • इनोवेटिव बिज़नस मोडल की ग्रोथ – दोस्तों अच्छा हुआ अगर अपने अपना टेस्टिंग मोडल में ही सारी गलतिया करके सुधार ली क्योकि अब आपको अपने बिज़नस मोडल को ग्रो करना है उसके लिए अपने प्रोडक्ट को लास्ट शेप दे फिर उसकी प्राइस ठीक करे फिर प्रोसेस बिल्ड करे प्रमोशन और मार्केटिंग के ऊपर फोकस करे वैल्यू को सही ढंग से डिलीवर हो ध्यान रखे | फिर आगे के लिए एक रोड मेप  बनाये की जब ये मोडल काम कर जायेगा उसके बाद क्या करेंगे ?उसके बाद क्या करेंगे फिर इम्प्रूवमेंट को ध्यान रखे  |

 

 

 

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