छाप

दो बालगोठिया सुल्तान सिंग भाटी और सुल्तान खान भाटी दोनों रो भायलो चारो गडोगड सूरज बिसिजते ही भेला हुयजावे गाँव रे किनारे खेजड़े लीचे बेठ एक ही बोतल खोल परार दारू पिये, पण बीड़ी रा गंठा न्यारा न्यारा राखे सुल्तान सिंग बुड्ढाछाप रामकिषन रामनाथ कामड़ी वाले री कम्पनी और सुल्तान खान चाँद तलवार छाप वाली … Read more